Guru vaani

ऐसी श्रृद्धा गुरु में रखो, की जो गुरु देता जा रहा है वो लेते जाओ तो टिमटार हो जाओगे

सब हालाते passing shower की तरह है। वो तुम्हे चमका के जाएंगी। हालातो से घबरा नहीं जाना है। कोई हालात आए, कोई गाली दे, और तुम्हे ना लगे तो समझना तुमने ज्ञान समझना शुरू किया है।

  • जो जागा है, उसके लिए गुरु के वचन हीरे मोती जैसे है। तुम कैसे वचनों से पल्ला झाड़ देते हो? अगर वचन तुमने लिए है तो उसका जलवा दिखना चाहिए।

  • एक बच्चा भी एक साल स्कूल जाता है तो ABCD सीख जाता है। फिर तुम उस से कभी भी पूछो वो एक ही जवाब देगा। तुम सत्संग में इतने सालो से आ रहे हो पर तुम्हारे जवाब हमेशा अलग अलग है। कभी तुम निर अहंकारी हो, कभी अहंकार करते हो, कभी नम्रता वान हो, कभी क्रोधी हो।

  • में सौदा करने आया हूं, तो मेरा सौदा complete हुआ या नहीं, ये फिक्र मुझे होनी ही चाहिए। मेरा काम पूरा हुआ है या नहीं?
  • गुरु ने तुम्हे आथा काम दिया है। भजन गाओ और खोलो, वाणी सुनो और लिखो। तुम काम करना चाहो तो बहुत काम है। 60000 ख्याल रोज मन में आते है। अभी के अभी तुम्हारा शरीर शांत हो गया तो तुम्हारा ख्याल कहा जाएगा ? स्त्री में, धन में, वासना में? ज्ञान में जाएगा? गुरु में जाएगा? तुम्हारी दीवार का जुकाव ही संसार की तरफ है, अंत समय में फिर वही गीरोगे।

  • Nothing New Under The Sun कुछ भी नया नहीं हो रहा है। तुम वही पुरानी बाते लेके क्यों बैठ जाते हो? कभी इस बात का चिंतन करो कि मेरी अज्ञान किं निवृति करेगा कौन?

  • मुक्ति किसको चाहिए? आत्मा तो मुक्त ही है। मुक्ति चाहिए इस मन को। और मन को बांधा भी तुमने ही है। तुम अपने मन को चेक करो, क्यों इसको इच्छाओं, अहंकार के बंधनों में बांध दिया है। तुम जाग जाओ तो ये बंधन है ही नहीं। गुरु के अलावा आज तक किसी ने जगाया ही नहीं है और ना जगाएगा।

  • ऐसी श्रृद्धा गुरु में रखो, की जो गुरु देता जा रहा है वो लेते जाओ तो टिमटार हो जाओगे। जैसे एक मटका नल के नीचे रख दो तो आराम से भरता जाता है। पर हम मटका उल्टा रखते हैं, तो पानी भरे कैसे?

गुरु के एक वचन से सारे विचार खत्म हो जाते है
गुरु के एक वचन से सारे विचार खत्म हो जाते है

  • ऐसे जीवन में न्यारे होके रहो जैसे कोई देव हो। कोई भी तुम्हे देखे तो यही लगे की देवी देवता बैठा है। Announce कर दो सब जगह की मुझे कोई इच्छा नहीं है, निरिछा हूं। आत्मा को वैसे भी कौनसी इच्छा होती है।

  • जो समय गुरु को दिया है, ज्ञान को दिया है वो समय तुम्हे प्लस करके मिलेगा। संसार में जो वक़्त दिया वो बर्बाद हो गया। अपने समय को व्यर्थ मत घवाओ। तुम्हारी सुगंध सब जगह फैलनी चाहिए।

  • शुक्रानो में रहो, पता नहीं कितनी भलाइयां परमात्मा कर रहा है। तो गुरु के साथ बैठ कर, वार्तालाभ करके जो अंदर की गीठाने है वो खोलो।

हरी🕉️ 🙏

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