अपने जीवन का रिमोट दूसरों के हाथों में क्यों दे रखा है

गुरु जी ने बताया कि

🌻हमारा अहंकार हमे आगे बढ़ने नही देता ।

🌻” मैं ” से ही सारी परेशानी है , मैं है तो ” मेरा ” है मेरा है तो जन्म मरण का घेरा है ।

🌻कोई पैर छूता है तो कौनसा आशीर्वाद देते है ?, गुरु जी ने बताया कि , ये आशीर्वाद दो की ” जीव भाव से छूटो ” ये आशीर्वाद देना है ।

🌻बच्चा अगर अपने पिता के कंधे पर बैठा होता है, तो सारी दुनिया देख सकता है, ऐसे ही खुद को भगवान के कंधे पर , भगवान की शरण मे बिठा लो , फिर संसार की सैर कर पाओगे ।

🌻हम सोचते है कि थोड़ा सा क्रोध है , थोड़ा सा मोह है, थोड़ी सी इच्छा है,,,,,,नही,,,,गुरु जी कहते है कि थोड़ा सा ज़हर भी जान ले लेता है ।

🌻किसका सहारा ढूंढता है , दुनिया के सहारे बन बनकर टूट ते है ।

🌻हमारे कान बहुत तेज है , बहरा है तो हमारा मन , जो गुरु की बात नही सुनता,,सच नही सुनता ।

🌻शुक्राने सतगुरु जी के , हरि ॐ ।

ऐसा कोई काम ना करें कि

गुरु जी ने बताया कि

🌸भक्ति मार्ग ,,,उच्चतम , सरलतम मार्ग है,,,,,इसमें ज्ञान कब लग जाता है पता ही नही चलता,,अहंकार कब चला जाता है पता ही नही चलता है ।

🌸भक्ति एक ऐसी छलांग है जिससे हम प्रभु शरण मे पहुँच जाते है ।



🌸अपने जीवन का रिमोट दूसरों के हाथों में क्यों दे रखा है,,,,,,,,,,,,।

🌸जीवन मे कोई परेशानी है तो ज्ञान से दूर कीजिये,,,,,,,,,,,,,,।

🌸ज्ञानी ना तेरा मेरा करता है,, ना व्यर्थ की बातें करता है ।

🌸वास्तविक बंधन तो तोड़ सकते है,,,माने हुए बंधन कैसे तोड़ सकते है,,वो तो हमे खुद को ही तोड़ने है ।

🌸ज्ञानी अज्ञानी से भी सीखते है ,, अज्ञानी ठोकर खाकर भी नही सीखता है ।

🌸बीमारी होती है तो डॉ, दवाई देता है , साथ साथ परहेज भी बताते है,,,,ऐसे ही गुरु जी कहते है कि ज्ञान तो मिला है , क्या संसार से परहेज की , गलत बातों से ,,,माया से परहेज की ?

🌸शुक्राने सतगुरु जी के ,, हरि ॐ ।

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