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Apple कंपनी के लोगो में जो सेब हैं, वह थोडा सा कटा हुआ क्यों हैं?

ऐपल कंपनी का लोगो आधा सेब की तरह है।

ये आधा क्यों है इसके बारे में कई लोगों की अपनी अपनी धारणा है…

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गूगल पर सर्च करने से ये पता चला कि एलन मैथसिन ट्यूरिंग नाम के एक कम्प्यूटर साइंटिस्ट थे, जिन्होंने जर्मन के कोड तोड़ने की मशीन बनाई थी। इस मशीन का नाम ‘ट्यूरिंग मशीन’ था। ऐसा कहा जाता है एलन पर सरकार ने कई जुल्म किए थे। उनको मानसिक प्रताड़ित किया गया। जिससे एलन ने खुदकुशी कर ली। यह सुनने में आता है कि उन्होंने सेब को साइनाइट में रखा और सुबह उठकर उसको खा लिया और बाकी बचे सेब को टेबल पर रख दिया। टेबल पर रखा सेब ही Apple का ही Logo बन गया। एलन की कहानी पर फिल्म भी बनी, जिसका नाम ‘The Imitation Game’ था।

ये भी है Logo की कहानी : कई सालों बाद जब दो बिजनेसमैन अपनी नई कम्प्यूटर कंपनी को ब्रांड बनाने के उद्देश्य से लोगो खोज में लगे थे, तब उन्हें कम्प्यूटर फील्ड से जुड़े ‘एलेन ट्यूरिंग’ का नाम ध्यान आया और एक सेब की इमेज को उनके लिए श्रद्धांजलि समझ अपनी कंपनी का ट्रेड मार्क बना दिया।

कंपनी का ये है कहना : कई सालों तक यह कहानी Apple के लोगो की कहानी रही, लेकिन कंपनी के एक्सपर्ट्स का कहना है कि

ट्यूरिंग की कहानी के Apple लोगो का कोई कनेक्शन नहीं है।

सेब के इस आइकॉन को ‘एडम और ईव, ‘स्नोव्हाइट’ और ‘न्यूटॉन’ की कहानियों और थ्योरी के सेब से जोड़ा गया,

जो पूरी तरह से काल्पनिक थी।

स्टीव जॉब्स से डिस्कशन पर पता लगा कि कंपनी ने सामान्य रूप से Apple को आइकॉन के रूप में चुना।

The Imitation Game हिन्दी में भी डब्ड की गयी है, समय मिलने पर ज़रूर देखें… परन्तु उस फ़िल्म में इस घटना का फ़िल्मांकन नहीं किया गया है।

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