भगवान ने तुम्हारे ऊपर खास मेहरबानी की है

भगवान ने तुम्हारे ऊपर खास मेहरबानी की है

गुरु जी ने बताया कि

🌹जैसे कपड़े में से धागा निकाल दो तो कपड़े का कोई अस्तित्व नही रहता,

ऐसे ही शरीर मे से परमात्मा निकल जाएं तो शरीर भी व्यर्थ हो जाता है ।

🌹मृग तृष्णा जैसे मृग दूर से देखता है तो उसको पानी दिखता है लेकिन पास जाकर देखता है तो पानी होता नही,

ऐसे ही संसार मे भी हमे दूर से दिखता है कि सुख है पर पास जाकर देखें तो कुछ नही होता ।

🌹जब हमारा चलना, फिरना, बोलना, खाना, पीना हमारे बस में होगा तो मन मोह से हटकर प्रभु में लग सकता है ।

🌹हम अगर हर कर्म को कर्म समझ कर करेंगे तो थक जाएंगे,

और अगर सेवा समझकर करेंगे तो थकेंगे नहीं ।

🌹कामनाओ के रहते सुख स्वप्न में भी नही मिल सकता ।

🌹बिना संतोष के कोई भी कामना खत्म नही हो सकती ।

🌹जो झुकता है जीवन मे वो ही सुख पाता है, जैसे फल वाली डाली ।

🌹शुक्राने सतगुरु जी के हरि ॐ ।

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Ye Mohabat kibatai
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सतगुरु ना होे तो हम आज क्या होते

ये पुरा जगत सपना है.

ये पुरा जगत रैन का सपना है..ना हुआ कल्पित करके ये जमाना सिद्घ..हुआ है

जैसे सपने में सिद्घ हुई नाना वेद व्यवहार..जब है ही सपना तो उसके बारे में कुछ भी सोचना मुर्खता है..

एक बार घर ओर शहर छोड़ कर यहाँ आओगी तो बड़ा फायदा होगा..धर में चार दिवारों के बीच बैठने से मन कभी भी कुछ नहीं भुलेगा..मन का आधार है..हमें भुलना ..

पर यदि तुम्हारी प्रीत गुरु से होगी तो मन को पता लग जाएगा की ये गुरु की हो गई है..

सारा दिन मन को ज्ञान के मनोरंजन मे बिठाओ..जिससे मन को एक मिनट भी ना मिले आने के लिए..या पिया जो पसार या पिया जो पचार..इना बिन का आधार शल काबंद खाली ना करे..

तुम अपना प्ररब्घ बहुत अच्छी समझो

भगवान ने तुम्हारे ऊपर खास मेहरबानी की है..तुम अपनी जैसी अच्छी जीवन किसी की भी मत समझो.

सब बिष्टा के कीड़े बने हुए बैठे हैं..सब दुखी हैं चाहे राजा हो..सो सुखिया जिस नाम आधारा..

सुहागिन वो है पति परमात्मा जिस की गोद में है..में सुहागिन उसे कहती हुँ जिसने कंत परमात्मा को रिँझाया..परमात्मा दुख उसे देगा है जिसे अपने से मिलाना चाहता है…

दुख दारु सुख रोग भया..यहाँ कितनी ही सतसंगी आती है जो पति की शिकायत करती हैं..कि छोड़ते नहीं हैं..

हम यदि रात को शंति से सोना भी चाहे तो नहीं सो सकते ..

नी़ंद खराब करने वाला ..काम में घसीटने वाला हैं ।सतसंग से रोकने वाला..पति ही है..सब रोती हैं कि कैसे छुटे..जीते जी छुटना मुशकिल है..अब बताओ कि पतियों वाली किस में सुखी हैं..

तुम्हें तो भगवान ने योगी वाला जन्म दिया है ..शांत में बैठकर अभ्यास करो..

बहुत अच्छा मौका मिला है..किसी पुण्य कर्मों से ही मनुष्य देह मिली..फिर गुरु की संग मिला..फिर उसके जैसा भाग्य शाली पृथ्वी पर कोई नहीं है..

हर वक्त राजी रहो में हुँ आत्मा..शेर वाली गर्जना करो तो मन भाग जाएगा.

मन को जवाब दो की बीती हुई बातें में नहीं सुनुँगी..

तुम जमाने के साथ बन कर बैठे हो..

मन को इज्जत देते हो तभी को आता है..जब अपमान करके निकालोगे तभी भागेगा..

मन को खाली नही बिठाओ..प्यारी किसी ना किसी काम में व्यस्त रहो..हर वक्त भगवान करके देखो..

तुम सब बातों से ऊपर हो जाओ..तुमने सब खेल देखा अब क्या देखना है ?🌹🌿🌹🌿🌹🌿

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