भक्त भगवान् से कभी भी नहीं माँगता है

भक्त भगवान् से कभी भी नहीं माँगता है

🌹 PUJYA PRAMILA BHAGWAN ki Vani 🌹 🌹

Brihm का अस्तित्व बराबर ही रहता है लेकिन आकार बदलता रहता है आज जो लोग यहाँ पर बैठे हैं कल बदल जाएंगे,

एक सौ साल बाद कोई भी नहीं रहेगा उनके जगह कोई और aa jayega.

यहां आकर अपने मन को शांत करने के लिए कोशिस करना चाहिए.

किसीकी निंदा नहीं करना चाहिए जब तुम्हारी निंदा होने लगती है तो समझो कि ग्यान लगना शुरू हो गया है और

किसी की निंदा तो नहीं होती है जो लोग सामने मैदान में होता है उसी की तो चर्चा होगी जो घर में बैठा हुआ है उसकी कोई बात नहीं करेगा,

इसलिए तुम बहुत भाग्यशाली हैं कि सबकी नजर में आगए हैं.

🌷 हमारा धर्म यही है कि हमको सबसे dosti और प्यार करना है चाहे दूसरा कोई भी गलत चले.

अपनी दोष दृष्टि को संवार करना है, जो हमसे उल्टा चल रहा है उसको भी प्यार से बात करने की कोशिश करना चाहिए.

क्योंकि

हर एक में भगवान देखना है.

दुख कोई bana ही नहीं है, भगवान ने दुख बनाया ही नहीं है, हम लोग खुद दुख सोच लेते हैं,

ग्यान के विचार मन को देंगे तो सुख होगा और यदि गलत विचार देंगे तो दुख होगा.

इसलिए हमेशा हमको ache विचार रखना चाहिए.

🌷 Gyani हर हाल में सम रहता है और किसी हालात में दुखी नहीं होता है और

यह सब सतगुरु के पास ही जाकर मिलेगी गुरु के उपर पूरा भरोसा रखना चाहिए तभी तो हमारी पूरी तरह से जिम्मेदारी लेता है और achi संभाल करता है.

भक्त भगवान् से कभी भी नहीं माँगता है और उसे भगवान हमेशा देता ही रहता है.

🌷 केवट पिछले जनम में एक कछुआ था और भगवान् के चरण छूना चाहता था

लेकिन शेषनाग जी ने पूँछ से उसको हटा दिया था और उसकी तमन्ना अधूरी रह गई थी

इसलिए भगवान ने दूसरे जन्म में उसको केवट के रूप में चरण धोने और स्पर्श करने का मौका दिया था

इसलिए

जब हम भक्ति करेंगे तो उसका फल जरूर मिलेगा

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