Guru vaani 14 April 2019

Guru vaani 14 April 2019

Guru vaani – गुरु जी ने बताया कि —

🍁मोह पहले अंदर से आता है बाद में बाहर से प्रकट होता है ,गुरु मोह को प्रेम में पैवर्तित करते है,,,,,,।

🍁क्यों किसी मे भी अटकते हो,?,गुरु ने पहले ही बता दिया है,,,,की,,,,,,


बेटा बहु की अमानत,,,,,
बेटी दामाद की अमानत,,,,,
शरीर समसान की अमानत,,,,है,,,,किस से मोह किस से द्वेष करना है,,,,,,,।


🍁जो हमेंशा एक सा रहें वो पूर्ण है,,हमारा आनंद शांति कम न हो तो समझो हम पूर्ण है,,,,,,,,।


🍁विस्वास में ही सब समाया है विस्वास नही तो कुछ नही,कहीं जाना होता है तो रिक्शा में बैठ कर निश्चिन्त हो जाते है ,की रिक्शा वाला हमे सही जगह पहुचायेगा,,तो भगवान पर इतना भी विस्वास नही की उसने हमको जन्म दिया सम्भालेगा भी वो ही,प्रभु पर विस्वास रखें स्वयंम में विस्वास रखें,,,,,,।


🍁अज्ञानता में पशु की तरह जी रहे थे,मतलब बे वजह बक बक करते थे,हर बात को कान लगाकर सुनते थे,हर बात में कोई चाहे ना चाहे बोलकर दुखी होते थे,,अब गुरु ने ज्ञान देकर जीवन को अमूल्य बना दिया,,ना व्यर्थ बोलना,,न व्यर्थ सोचना,,ना व्यर्थ सुन ना,,,,,,,,।


🍁अपने मन पर पहरा रखें व्यर्थ ना सोचे,,,,,,,।


🍁अपने सुख दुख की बातें गुरु से कहे,,,,, प्रभु से कहे,,,,,,,।


🍁जीवन को अगर अभिनय समझेंगे तो दुख नही होगा,,,,,,।

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🍄क्यों सारे जहां की चिंता अपने सिर पर लेकर चले हो ,?,,जिस प्रभु ने हमको जन्म दिया वो ही सबके योग क्षेम का भार उठा रहे है और उठाते रहेंगे,,,,,,।


🍄चिंता बिल्कुल मत करो,,,चिंता हमे चिता की तरफ ले जाती है,,,मेरी चिंता हरि करें मुझे ना चिंता कोई,,,,,,,।


🍄प्रभु से मिलने की चाहत हमे साधु के संग ही होती है,,मतलब सत्संग में ही प्रभु से मिलने की चाहत होती है,गुरु ज्ञान से हम स्वयंम के अंदर ही प्रभु को प्रकट कर सकते है,,,,,,,।


🍄मुँह से बोल तो देते है कि ईच्छा मातरम अविद्या ,क्या सच मे हमारी ईच्छा खत्म हो गई,,,,,?,,,

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🍄प्रभु की याद है तो आबाद है हम विसरे तो व्यर्थ है हमारा जीवन,,,,,,,,,।


🍄भक्ति हमारे जीवन मे क्रांति ले आती है,,,,,,,,,।


🍄आत्मिक आनंद के लिए बाहर ना भटके,,,,अपने अंदर जाएं,,मन के भीतर जाएं,,,स्वयंम में आनंद ढूंढे,,,,,,,,।


🍄किसी बोतल में कोई वस्तु टेढ़ी डालेंगे तो फस जाएगी निकल नही पाएगी,,,अपने मन मे प्रभु को भी टेढ़ा करके बसा लो,,,,की फिर वापस निकल न पाएं,,,,,,,,।


🍄जितना जितना गुरु के वचनों का संग करेंगे जीवन मे सरलता आ जायेगी,,,,,,,,।


🍄शुक्राने सतगुरु जी के हरि ॐ,,,,,,,,,।

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