Guru vaani 14 March 2019

💜 जब तक गुरु के दर्शन ना करलें तब तक मन में शांति नहीं मिलेगी. जिसका मन में विरोध रहता है उसी का विचार दिन भर मन में आता रहता है.

मानुष गलती का पुतला है, गलती हो जाती है और जो गलती को ना दुहराये उसे इंसान कहते हैं और उसे भगवान कहते हैं. दूसरे की खुशी में शरीक होना चाहिए ना कि उससे जलन, नफरत नहीं करना चाहिए.

उससे ऐसा प्यार करो कि उसका भाव स्वयं ही बदल जाए. झुकना और मुड़ना तो हमको ही चाहिए. किसी की गलती को neglect करदो और उसको उजागर मत करो. हमको बराबर मेहनत अपने आप के लिए ही करनी चाहिए ताकि हम अपनी ग़लतियों को सुधार सकें.

geeta bhagwan


🌷 हरएक को भगवान करके देखेंगे तो उसकी गलती नज़र नहीं आयेगी. अपने अंदर से मैं का भाव हटा दो. यही तो अहंकार है. शरीर में हर इंद्रियों के सहयोग से ही हम कार्य कर रहे हैं इसलिए सभी इंद्रियों का Shukrana manana chahiye.

हम यदि भगत बनेंगे तो भगवान हमेशा हमारी संभाल करेगा. हर समय भगवान की रज़ा में राज़ी रहना चाहिए. वही खिला रहा है और वही पचा रहा है. हम कुछ करने वाले नहीं हैं सब कुछ भगवान ही मालिक है और वह सभी की खुद देखभाल कर रहा है.


💜 हमको अपने अंदर प्यार सब के लिए बढ़ाना है. जो भी हम हैं सो हैं इसलिए अहंकार के कारण सबसे प्यार नहीं कर पाते हैं. सुन्दर दृश्य सब होते हैं हम लोग उसे गलत देख लेते हैं.

प्रशंसा के लिए और निंदा के लिए कभी गलत नहीं सोचना चाहिए क्योकि जितनी प्रशंसा होती है उतनी ही निंदा भी जरूर होगी. हमको हर बात में ऊपर से ढक्कन लगाते रहिये और खुशबू दबाते रहिये. किसी को भी बुरा कहने पर और बुरा देखेंगे तो हमारे को भी लोग बुरा समझेंगे.

जिसको भी हम कोई गलत बात बतायेंगे तो उन्हें भी बहुत दुख होगा और फिर वो आपको ही दोष लगेगा. हर बात में कोई ना कोई भलायी होती है.
🌷 इसीलिए कम से कम बोलो, कम खाओ और कम से कम संग्रह करो तो सब ठीक हो जाता है. नहीं तो हमारे विचार गलत हो जाएंगे.

पर चिंतन मत करो, स्वयं का चिंतन करो. आत्म सुधारक बनो, दूसरे के सुधारक मत बनो.
विचारों का संग्रह मत करो नहीं तो दिमाग में गन्दगी बढ़ती जा रही है और तभी तबीयत खराब हो जाती है.

कोई भी व्यक्ति यदि सही कार्य कर्ता है लेकिन यदि हमारा मन उसके लिए गलत सोचता है तो हमेशा उसको हम गलत ही समझेंगे कभी अच्छा नहीं समझ पाएँगे. इसलिए हमको हमेशा अपने को ही सुधारना है, दूसरे को कभी नहीं सुधार सकते हैं. क्योंकि सत्संग तो हम लोग आते हैं अगला नहीं आता है.


🌷 हमलोग अपना जन्मदिन तो खुशी खुशी मनाते हैं लेकिन यह नहीं जानते हैं कि उम्र घट रही है और मौत के करीब जा रहे हैं.


🎤🎼BHAJAN 🎤🎼🎤
जरा सोच लें, क्या खोया क्या पाया. जबसे जहाँ में आया, प्रभु को भुला दिया है. 🎼🎼🎤

0 Shares
Share via
Copy link
Powered by Social Snap