Guru vaani 22 August

Guru vaani 22 August 2019

🌷सब जग चलन हार ..जो भी मिला है..वो रहने वाला नहीं है. तुम्हें जो बात कठीन लगती है वो गुरु से पुछकर कर लो..

गुरु का साथ वे लो हर रास्ता आसान हो जाएगा..अकेले मत चलो वरना थक जाओगे.. अर्जुन को जो बात मुशकिल लगी कृष्ण से पुछी..

राम ने भी विश्वामिञ से प्रश्न हल किया..तो हरेक को गुरु की आवश्कता है..जो हमारी मुशकिल हल कर सकता है..


🌷 कोई घटना दुर्घटना अचानक आ सकती है..ये हम नहीं कहते कि ज्ञान के बाद मुसीबत नहीं आती..

आएगी पर उससे बचने के लिए गुरु ज्ञान दे देगा..तुम्हारे अंदर हर परिस्थिति का सामना करने की ताकत आ जाएगी..

कोई भी परीक्षा आती है वो तुम्हें पक्का करती है..ये रास्ता कुर्बानी का है..कोई भी बात आए उसे हिम्मत से पार करो..


अधुरा ज्ञान खतरे का कारण बनता है.. नीम हकीम खतरा एे जान..

🌷बिमारी आती है तो अच्छा डाक्टर ढुढ़ते हो..ज्ञान में सतगुरु मिल गया हा तो वो तुमको अघुरा नहीं छोड़ेगा..

कोई अघुरे पुरुष से शादी नही करता..तुम भी इस मार्ग में आए हो..तो अघुरे मत बनना..

कहीं तो पुरे बनो..माया के या भगवान के बार बार दिशा बदलोगे तो चक्कर ही लगाते रह जाओगे.. माया किसी को भी पुर्ण शंति नहीं देती..

🌷सब चिंता का चोला पहन कर चलते हैं..ओर सब दुखी भी हैं..

सुत दारा ओर लक्ष्मी पापी के भी होए .. संत समागम हरी कथा तुलसी दुर्लभ दोए..
पुरा गुरु मिला तो तुम्हारा समर्पण भी पुरा होना चाहिए..

🌷ऐसा गुरु मिला है अपना काम पुरा करके बैठो..


संसार में सब जगह माया का व्यवहार लगा पड़ा है..कोई भी राग द्वैष से छुटा नहीं है.. सतसंग भी कर रहे है कथा भी पढ़ रहे हैं..

पर किसने मन इन्द्रियों को जीता.. तुम भी अपने से पुछो..

कि तुमने विकारों को जीता है या नहीं..कहते हो थोड़े थोड़े विकार है इच्छाएं हैं..

हम कहते हैं थोड़ा सा जहर भी गिलास भर दुध में डाल दो..तो मरने के लिए काफी है..तो थोड़ा थोड़ा नही पुरा पुरा ज्ञान को समझना है..

🌷मन से जगत का नाश नहीं होता है..जब तुम कुछ लाए नही न ही कुछ ले जाओगे..

तो क्यों पकड़ कर बैठे हो.. परमात्मा को तुम्हारा साफ हृदय चाहिए..दिल के तख्ते को साफ किया जो जन्म जन्म से थे काले..

🌷आया अकेला जाएगा अकेला पर माया की चिंता नही निकलती है..गुरु से भी मांगते रहते हैं..मोह मे भिखारी बन जाते हो..🌿🌹🌿🌿🌹

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