Guru vaani 26 May 2019

Guru vaani 26 May 2019

गुरु जी ने बताया कि,,,,,, Divine Guru vaani
🍁सबसे पहले धरती माता को प्रणाम करके शुकराना मानो,हमारा कितना बोझ उठाती है,

जल देती है,भोजन देती है,वृक्ष उगाकर पवन देती है,शुक्राने है,,,,,।


🍁कोई हमे डिसमिस करें उस से पहले हम खुद ही रिजाइन कर दे,

मतलब गुरु जी कहते ह की कोई हमारा दिल दुखाये उस से पहले खुद को ही हार्ड हारटेड बना लो,,,,,,,।

Divine geeta bhagwan
Geeta bhagwan


🍁क्यों सबसे डरते हो,क्यों किसी से वैर रखते हो,,जब हम निर्भय,निरवैर ,होंगे तभी अकाल मूरत बनेंगे,,,,,,,।


🍁घी के दिये तो बहुत जलाये ,अब हर वेले सुझागी का दिप धरे,

मतलब ज्ञान के बाद हर पल सुझागी रखे की अब हमसे किसी का दिल न दुखे,,,,,।


🍁गुरु ने खुद जागकर हमे जगाया माया की नींद से अब जब हम जागे है तो सबको जगाये,,,,,,।


🍁दुनिया की नौकरी करने के लिए डिग्री की जरूरत होती है,

प्रभु की नौकरी करने के लिए सिर्फ शुद्ध मन जरूरी है ,कैसी नौकरी ,सबको प्रेम करने की और गुरु वचन बांटने की,,,,,,,।


🍁क्यों खुद को शरीर समझकर दुखी होते हो,

आत्मा में कोई दुख नही गुरु आत्मा में टिकाते है ,मान, अपमान देह का ,,,आत्मा में कुछ नही,,,,,,,।


🍁शुक्राने सतगुरु जी के हरि ॐ,,,,,,,,।

Divine Guru vaani

एक आदमी चढ़ाई नहीं चढ़ पा रहा था..भगवान से कह रहा था में इतने का प्रसाद चढाऊँगा मुझे चढ़ा दो..फिर प्रसाद के रुपये बढ़ता गया..घीरे घीरे ऊपर चढ़ गया..तो बोला में इतना चढ़ा दुँगा तो मेरे पास क्या बचेगा..ओर मुकर गया..बोला ना में चढ़ा ना में चढ़ाऊँ. ये मन इतना चालाक है..भगवान से भी मुकर जाता है..
ब्रह्मज्ञान के लिए तुम्हें कुछ नहीं करना है बस गुरु का संग करना है..उसके अनुसार चलना है..ब्रह्मज्ञान साधन भी गुरु है ओर सिद्घि भी गुरु है..डोरी सोंप के तो देख एक बार..🌿🌹🌿🌹🌿🌹🌿

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