Gurua vaani 4 May 2019

Guru vaani 4 May 2019

| अरी ओ शोख कलियों ।

अरी ओ शोख कलियों मुस्करा देना वो जब आएं ,

सुनो फूलों महक अपनी लुटा देना वो जब आएं ।

वो जब आएं अदब से डालियां फूलों की झुक जाएं ,

वो जब गुजरें चमन से काफिले भवरों के रुक जाएं ,

pramila ji

बहारों तुम गले उनको लगा लेना वो रुक जाएं ।

बहुत तारीफ करती हैं ये कलियां बार बार उनकी ,

तमन्ना है कि मैं भी देख लू रंगो बहार उनकी ,

हवाओं तुम नकाब , उनकी उठा देना वो जब आएं ।

बगैर उनकी मोहब्बत के मैं जिन्दा रह न पाऊंगी ,

मगर ये राज दिल का मैं किसी से कह न पाऊंगी ,

निगाहें हाले दिल उनको बता देना वो जब आएं

(Guru vaani 4 may)गुरु जी ने बताया कि,,,,,,,


🌲अपने अंतःकरण को इतना शुद्ध करें कि प्रभु के सामने जाएं तो प्रभु का सारा अक्ष हमारे भीतर से दिखाई देने लगे,,,,,,।


🌲”हज “की कामना करने से अच्छा ‘सहज “हो जाएं,,,,।


🌲किसी से भी कोई भी चीज या वस्तु मांगने से अच्छा है उस से वो चीज या वस्तु बनाने की विधि सिख लेना तो जिस से जब भी उस चीज की जरूरत हो खुद बना सके,,,,,,,,।


🌲सत्संग कोई “रैली” नही जिसमे भाग लेना है,सत्संग वो है जो हमारे जीवन की शैली बदल देता है,,,,,,,।


🌲शिद्ध पुरुष बने न ने अपने जीवन मे सिद्धान्त जरूर बनाना,,,,,,,।


🌲जीवन मे नियम जरूरी है,न भूखे रहो न ठूस ठूस कर खाओ,,,,हर बात में नियमित रहो,,,,,,।

चिकनगुनिया के क्या कारण है.


🌲ज्ञान के बाद ध्यान ये रखे कि मेरा ध्यान कहाँ जा रहा है,,,,,,


🌲किसी को भी सुधारना जरूरी नही स्वीकारना जरूरी है,,,,,,,।


🌲साँप अगर घर में आ जाता है तो जब तक उसको बाहर निकालते नही चैन से बैठते नही,,,फिर अहंकार और द्वेष को मन मे बिठाकर चैन से क्यों बैठे है,,,,,?,,,,


🌲प्रेम में आज़ादी है मोह में बंधन है,,,,गुरु मोह छुड़ाकर प्रेम सिखाते है,,,,,,।


🌲कृष्णा भगवान को माखन और मिश्री इस लिए पसंद है क्योंकि माखन कोमल और मिश्री मीठी होती है,हमे भी मन से मीठा और कोमल बन ना है,,,,,,,।


🌲शुक्राने सतगुरु जी के हरि ॐ,,,,,,,।

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