Guru vaani 5 May 2019

Guru vaani 5 may 2019

एक बार बीज को मन में उमंग आई कि मैं भी वृक्षों की तरह खूब फलूं और फूलूं, लेकिन उसके लिए उसको मिटना पडेगा और एक शृत है कि तुमको मिट्टी में गुम होना पड़ेगा।


इसी तरह हमको भी गुरु के पास झुकना और मिटना पडेगा तब हमारे अंदर से गुरु भगवान के गुण प्रगट कर देगा और हमारा जीवन सुधर जाता है।

आज हमारा जीवन गुरु की कृपा से फल फूल रहा है और इसके लिए हमको कुछ भी नहीं करना पड़ा है 🌷 केवल गुरु के वचनों पर अपने को ढालना चाहिए और सबसे प्यार करना चाहिए।

तभी हमारा जीवन बदल गया है।

divine bhajan puspanjali 1

दादा जी कहते थे कि नहीं कुछ बनो और नहीं कुछ करना है।


💝 जो भी इस सच को स्वीकार कर लेता है वह इस जन्म मृत्यु के चक्कर से छूट जाता है और भव सागर से बेड़ा पार हो जाता है।

इस जगत में हमको अकेले ही आना है और अकेले ही जाना है।

संत की महिमा वेद ही जानते हैं और कोई नहीं समझ पाएगा। गुरु हमारी वृत्तियों को कन्ट्रोल कर देते हैं और हमारा जीवन सुधर गया है।


💝 हमको क्रोध क्यों आता है दूसरे के मूड के ऊपर हम लोग क्यों आधारित रहते हैं और जब घर वाले सभी लोग शांत रहेंगे तब हम भी शांत रहेंगे तो फिर हमको सत्संग सुनने का क्या मतलब है।

गुरु तो हमको ज्ञान बराबर ही दे रहा है तो हमको वचनों को जीवन में लगाना चाहिए तभी हमारा जीवन सुधर पाएगा।


🌷 Live rich die poor 🌹


जब तक हम मिटेंगें नहीं तब तक हमारा उद्धार नहीं होगा।

आज में रहना चाहिए कल की चिंता में क्यों पडे हुए हैं, आज की मौज करो, सारी दुनिया बहुत सुंदर भगवान ने बनाई है और हम लोग प्रकृति का नजारा नहीं देखते हैं।

divine bhajan puspanjali 2


🌷 मनुष्य के पास बहुत कुछ भरा हुआ है और जब भी इस जगत से जाएगें तो सब बैंक में जमा छोड़कर ही जाओगे।

और यदि घरवालों को नहीं बताया तो सब कुछ बैंक वाले गायब कर देंगे।

इस लिए जमा राशि को भी सबको बता कर रखना चाहिए।


जगत में हमेशा भगवान सबको दे ही रहा है और हम अहंकार करते हैं कि हमने कमाया है।

इसलिये हमेशा भगवान के शुकराने गाने चाहिए कि इतना भर कर दे रहे हैं 🌷 💜 💜 💜

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