Guru vaani Stargazing

Guru vaani 6 July 2019

🍄किसी को दुखी करना पाप है ,,,,लेकिन खुदको दुखी करना महा पाप है,,,,दुसरो के साथ साथ स्वयंम को भी प्रस्सन रखें,,,,,,,,,,।

🍄प्रैक्टिस मैक्स मेन ध परफेक्ट,,,,,, मतलब हम किसी भी कार्य मे अभ्यास से ही उत्तीर्ण होते है,,,,,,,,,,।

🍄हर बात में वाह वाह करें,,,वाह वाह करेंगे तो हर परेशानी हवा हो जाएगी,,,,,,क्योंकि वाह का उल्टा हवा होता है,,,,,,,,,।

🍄किसी भी बात में हाय हाय ना करें,,,,,हाय का उल्टा यहां,,,,मतलब सब यहाँ भोगना पड़ेगा,,,,,,,,,,।

🍄हर बात में शुकराना माने क्योंकि


श,,,से शंकर जी,,
उ,,,से उमा जी,,,,,
क ,,,से कृष्ण जी,,,,
रा,,,,से राम जी,,,,,,
ना,,,से नानक जी,,,,,

ये सारे भगवान हमारे अंग संग रहते है,,,शुकराना बोलने से,,,,,,,,।

🍄संसार के ज्ञान में बहुत प्रचार होते है,,,ये ज्ञान एक मुख से दूसरे मुख का है,,,मतलब ये ज्ञान एक दूसरे को बताने का सबको हक है,,गुरु आप समान बनाते है,,,,,,,।

🍄स्थिर मन ब्रह्म अस्थिर मन संसार,,,,,,,,,।

🍄मकड़ी खुद अपना जाल बनाती है,,,उसमे खुद फसती है,,,ऐसे ही हम भी अपने खुद के विचारों में फंसे होते

है,,,,,,,खुद ही निकलना होगा,,,,,,,कोई और नही निकाल सकता,,,,,,,।

🍄शुक्राने सतगुरु जी के हरि ॐ,,,,,,,,,।

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