vaani 7 april 2019

Guru vaani 7 April 2019

गुरु जी ने बताया कि,,,,,,,,


🌺भजन और भोजन हो सके तो साथ मिलकर करें,,,भजन सबके साथ करने से वो ” यज्ञ ” बन जाता है,,भोजन सबके साथ करेंगे तो वो भंडारा बन जायेगा,,,,,,,।


🌺मन के विचारों को जंगल न बनाएं,,सुंदर बगीचा बनाएं,,,,,,,।


🌺अर्जुन बहुत शक्तिशाली थे मोह की वजह से कमजोर पड़ रहे थे,कृष्णा भगवान ने उनका मोह दूर किया,यहाँ गुरु हमारा मोह खत्म करते है,,,,,,।


🌺कभी भी किसी भी कार्य के लिए ये मत कहो कि मैं करूँगा,,ये कहो कि प्रभु आप करवाओगे तो हो जाएगा,,,,,,,।


🌺हमारे आस पास कुछ उल्टे लोग होते है जो हमारे विपरीत होते है तप उनसे घभराइये मत,वो ही लोग है जिनकी वजह से ज्ञान तीव्रता से जीवन मे लगेगा,,,,,,,,।


🌺अगर किसी बात में रोना आ रहा है तो रो ले,,आंखें साफ हो जाएगी, मन हल्का हो जाएगा,,,किसी भी बात में मन को कसो नही,,,,,।


🌺मन से लड़ो नही,, मन को सहज की नाव में बिठा दो,,सब सहज स्वीकार करें,,,,,,।

Bhajan More Vaani


🌺शुक्राने सतगुरु जी के हरि ॐ,,,,,,,,।

🌳एक व्यक्ति संत के पास गया बोला सुख क्या है,,?,संत ने उसको अपनी कुटिया के बाहर धूप मे बिना चप्पल के खड़ा किया पूरा दिन,शामको अपनी कुटिया में बुलाकर ठंडे पानी के टब में पैर रखने को बोला,फिर पूछा कैसा लग रहा है,वो व्यक्ति बोला बहुत सुकून मिल रहा है,संत जी बोले दुख के बाद जो सुकून मिलता है,उसको सुख कहते है,मतलब सुख की अनुभूति के लिए पहले दुख अनुभव करना पड़ता है,,,,,,।


🌳अगर सुख चाहिए तो दुख सहना पड़ेगा,अगर मान चाहिए तो अपमान का अनुभव भी करना पड़ सकता है,,,सबका जोड़ है,,लेकिन एक सिर्फ आनंद है उसका कोई साथी नही,वो प्रभु की तरफ से आया हुआ तोहफा है,,,,इस लिए सदैव आनंद में रहें,,,,,।


🌳एक व्यक्ति संत के पास गया पूछा मुक्ति का मतलब क्या है कैसे मिलेगी,तो संत जी ने उसको एक ग्लास पानी देकर कहा इसको पकड़कर खड़े रहो,वो काफी देर खड़ा रहा,फिर संत जी ने ग्लास वापस लिया और पूछा कैसा लगा वो बोला शांति मिली,तो बताया कि कोई भी वस्तु या रिश्ता पकड़ने में बंधन है,छोड़ने में मुक्ति का अनुभव है,सबसे प्रेम करो अटको नही तो अभी मुक्त हो,,,,,,।


🌳अपने प्रभु के प्रति विस्वास को कम मत होने देना,,,,,,।
🌳स्ट्रेंथ इस पावर ऑफ लाइफ,,वीकनेस इस डेथ,,मतलब साहस में जीवन है,कमजोरी में मृत्यु,,,,,,,।


🌳किसी से बिछड़ते हो तो उसको याद करते हो,इतने जन्मो से अपने प्रभु से बिछड़े हो उनकी याद नही आई कभी,,,?,,,।


🌳ज्ञानी दुसरो की गलती से भी सीखता है,,,,बेवकूफ ठोकर खाकर भी नही सीखता,,,,,,।


🌳शुक्राने सतगुरु जी के हरि ॐ,,,,,,।

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