Guru vaani 8 Oct 2019

Guru vaani 8 Oct 2019

🍂जैसे परीक्षा में तीन घंटे मिलते है,जो भी लिखना है उसी में लिखना है,,,ऐसे ही प्रभु ने हमे तीन घंटे मतलब

1,बचपन,,,,,,

2,युवा अवस्था,,,,,,

3,बुढापा,,,,,,दिया है,,,,,,

अपना समय पूरा होने से पहले अपना कार्य उतार लो,,,,,,,,,।

🍂हर समय हाथ काम मे मन राम भजन में होना चाहिए,,,,,,,,,।

🍂हर समय मन मे गायत्री मंत्र चलता रहता है,हमे सुनाई इस लिए नही पड़ता,क्योंकि मन मे “मैं मेरे ” का शोर

भरा पड़ा है,,,,,,,,,।

🍂पहले कहते थे जाहि विधि राखें राम ताहि विधि रहिये,,,,अब गुरु कहते है कि जाहि विधि रहें राम ताहि

विधि रहिये,,,,,,,,।

🍂राम जी वन में रहें,सबके कल्याण में जीवन बिताया,मर्यादा में रहें,,,,,हमारा जीवन भी सबकी भलाई में

बीते,,,,,,,।

🍂कुछ भी कर्म करें अकर्ता बनकर करें,,,,,,,,।

🍂जैसे शराबी के लक्षण आंखें लाल,हिलता,डुलता भटकता,ऐसे ही आत्मा के लक्षण होते

है,,,,,,,,धीरज,माफी,मुदिता,,, शांत स्वरूप,तृप्ति भरा जीवन,,,,,,,,,।

🍂शुक्राने सतगुरु जी के हरि ॐ,,,,,,,,,,,।

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