हाथी की रस्सी

हाथी की रस्सी || Motivational Story

एक आदमी एक दिन एक रास्ते से गुजर रहा था तो उसने रस्ते के किनारे एक हाथी को एक पतली सी रस्सी से बंधे हुए देखा उसे यह देखकर बहुत आश्चर्य हुआ क्योंकि वह विशालकाय जानवर जो कि बड़े – बड़े पेड़ों को उखड फेंकता है, और जब चाहता उस रस्सी को तो झटके में तोड देता, फिर क्यों उस रस्सी से ऐसे बंधा है जैसे उसे मोटी – मोटी जंजीरों से बंधा हुआ हो| लेकिन वह उसदिन थोड़ी जल्दी होने की वजह से निकल गया| परन्तु एकदिन फिर जब वह उसी रास्ते से निकला तो उसने फिर से वही देखा, कि आज भी वो विशालकाय हाथी उसी पतली रस्सी से बंधा हुआ था| आज उससे नहीं रहा गया और वो (हाथी की देखभाल करने वाला) के  पास चला गया|

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उसने महावत से पूँछा कि, ‘क्यों ये हाथी इतनी पतली रस्सी से बंधे होने के बाद भी इसे तोड़कर भागे का प्रयास क्यों नही करता है, जबकि ये जब चाहे इस रस्सी को बड़ी आसानी से तोड़ सकता है|’

महावत ने उस आदमी को जो वजह बतायी वह आश्चर्य चकित करने वाली थी| महावत ने उस आदमी को बताया कि, ‘ जब ये हाथी छोटे होते है तो इन्हें ऐसी ही रस्सियों से बांधा जाता है, और उससमय छोटे हाथी उस रस्सी को तोड़ने का पूरा प्रयास करते है, किन्तु उस समय इनमें उतनी शक्ति नहीं होती कि ये इस रस्सी को तोड़ सकें|और बहुत सारे प्रयासों के बाद भी जब ये रस्सी को नहीं तोड़ पाते तो इन्हें ये यकीन हो जाता है कि ये इस रस्सी को नही तोड़ सकते| और फिर बड़े होने एवं शरीरिक रूप से बहुत शक्तिशाली बनने के बाद भी ये इस रस्सी को तोड़ने का प्रयास ही नहीं करते सिर्फ उस यकीन की वजह कि ये इस रस्सी को नहीं तोड़ सकते|’

Friends यह छोटी सी कहानी हमें यह सिखाती है कि, ये जरूरी नहीं है कि यदि कल हम किसी काम में असफल हो गए थे तो आज भी सफल नही हो सकते| हममें से ज्यादातर लोग किसी काम में एक -दो बार सफल न होने पर ये यकीन कर लेते हैं कि वो इस काम को कर ही नहीं सकते| और उसी यकीन की वजह से उस काम को करने का फिर कभी प्रयास ही नहीं करते फिर चाहे हालात कितने ही क्यों न बदल जाएँ|

असफलता हमें ये सीखाती है कि हमारे प्रयास में कुछ कमी थी| और यदि आप भी किसी ऐसे ही काम में असफल होने के बाद ये यकीन कर बैठे है कि ये आप से नहीं होगा तो एक बात रखना कि, “हम इंसान है जानवर नहीं|”

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