जो जैसा है उसको वैसा ही स्वीकार करते चलो

गुरु जी ने बताया कि

🎍बूंद का अस्तित्व सागर से होता है,,,अकेले सूख जाएगी,,,,,हमारा अस्तित्व भी भगवान से है,,भगवान के बिना हम कुछ नही,,,,,,,,,।

🎍हमारे जीवन का लक्ष्य यही होना चाहिए ,,,, कि
” गॉड इस फर्स्ट,,एवरीथिंग इस लास्ट,,,मतलब सबसे पहले भगवान हमारे जीवन मे होने चाहिए,,, बाकी सारी चीज आखिर में,,,,,,,,,।

🎍जो जैसा है उसको वैसा ही स्वीकार करते चलो,,,,,,,,,।

🎍कोई हमारे साथ एडजस्ट करें ना करें हम एडजस्ट करते चले,, क्योंकि ज्ञान हमने सुना है,,,,,,,,।

🎍सारा दिन ” तेरा ” मेरा ” करेंगे तो टेढ़े मेढ़े हो जाएंगे,,,,,,,,।

🎍हम 98 % मन से परेशान होते है,,,खाली 2 % शरीर से परेशान होते है,,,,,,,,,।

🎍गुरु हमारे मन के डॉ,,,, है,,,,,,,,,।🎍गुरु ने हमे संसार की भीड़ में छांटा है, तभी हम माया से छूटे हुए है,,,,,,,,।

🎍हर कार्य मे खुद को सिर्फ निमित्त समझेंगे तो अहंकार नही आएगा,,,,,,,,,।

🎍शुक्राने सतगुरु जी के हरि ॐ,,,,,,,,,,।

गुरुवाणी दादा श्याम भगवान की

गेंदे के फूल की तरह सब एक से गुंथे रहें। यह सत्संग की धरती हमारा मायका है,

यहां सबसे प्यार से मिल जुल कर गुंथे होकर रहें।

गुरु जी कहते हैं कि तुम्हें जानना तो आगया है सब लोग बहुत जान गए है, लेकिन मानना नहीं आया।

यदि तुम मान लोगे तो मानव बन जाओगे।

गुरु पहले दिन हमारे अंदर घुस गया है, हमको सब कुछ सभांलना और धीरज रखना आ जाता है।

हमारे अज्ञान और विकारों की फाइलें सब सतगुरु ने खोला और हमको हमारे स्वरूप में टिकाया और सब दुखों से उबार दिया है।

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गुरु देव ॐ कहते हैं कि जो तुम्हारे हिस्से का धन जमीन जायदाद होगी वह स्वयं ही मिल जाएगा। तुम व्यर्थ में घबराते हो।

स्टील में, साड़ी में, कांच में, छत में भी टांका लगाया जाता है, लेकिन हमारे भाग्य में टांका कोई नहीं लगा सकता है।

गुरुजी के प्यार की इतनी महिमा है कि सारा दिन भी हम लगे रहें, जबान छोटी पड़ जाएगी, हम महिमा नहीं गा सकते🌹🌿🌹🌿🌹🌿

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