जो सही रास्ते पर चलता है उसको शेर का डर नहीं रहता

जो सही रास्ते पर चलता है उसको शेर का डर नहीं रहता

दुख दुनियां में नहीं* है ..दुख की फैक्टरी तुमने खुद लगा रखी है..

तुम सबको आत्मनिर्भर बनाओ..सबको तैयार करो हर हालत के लि़ए..कि एक दिन तो शरीर छोड़कर जाएगें..

सबको अपना आधार* मत दो..ना ही किसी का आधार लो..

अगर वो लोग कहीं ओर प्यार तो क्या उनरे बिना रह सकते हो..

तुमने अंदर से आश्रय नहीं छोड़ा है..तभी वो तुमको नहीं छोड़ते हैं..

तुमको अंदर से ममता नहीं होगी तो वो भी तुमको नहीं खिच़ेगे..

तुम कहते हो वो हमको खिचते हैं..पर ये क्यों नहीं कहते तुम भी उनको याद करते हो..

जब तुम किसी को याद करते हो तभी वो आता है..हमारी अंदर से ममता जुड़ी पड़ी है..

जब तुम्हारी अंदर से ममता खत्म हो जाए..

एक भगवान के सिवाय कुछ न भाए

जब गोपियां रास लीला* में गई..तो भगवान ने कहा अभी तुम्हारे धर वाले याद करेगे तो वापस जाओ..

तो गोपियों ने कहा जब पति सामने हो तो हम फोटो वाले पति को भोग नही लगाएगे..

अब दुनियां वाले हमारे लिए फोटो है..आप असली हैं..अब हमें किसी का डर नहीं है..

वो कुछ भी कहें..हमें बुरा नही लगेगा..

ज्ञानी को हर जगह रिसपेक्ट मिलता है
ज्ञानी को हर जगह रिसपेक्ट मिलता है

तुम सबसे डरते रहते हो यानि तुम्हारी भी ममता जुड़ी है. भगत किसी से डरता नहीं है..

भगत भगवान के संकट से घबराया नहीं करते.. कदम रख घर्म की राह में वो पलटाया नहीं करते..

अभी एक लड़की आई शादी का कार्ड लेकर..बोली हम भी गीता भगवान जैसा जीवन बनाएगे..

गीता भगवान बोलते थे तु कभी हमारी रीस नहीं करना..नहीं तो चोट खाओगी..

एक पतिव्रता स्ञी* घान कुट रही थी..पति ने पानी मांगा..तो मुसल बीच में छोड़ कर पानी दिया..

मुसल वही खड़ा रहा..एक पड़ोसन ने देखा बोली हम भी पतिव्रता है..

ऐसा हम भी कर सकते हैं..तो वो घान कुटने बैठ गई..पति से बोली हमसे पानी मांगना..पर पति ऑफिस से आया थकी था सो गया..अब ये घान कुटते कुटते थक गई..

एकदम गुस्सा होकर पति को जागाया..बोली पानी क्यों नही मांगते ..पति ने पानी मांगा तो मुसल बीच में छोड़ दिया..मुसल गिर गया..तो सिर फुट गया..ते गीता भगवान कहते हैं कि तुम नकल करोगी तो ऐसा ही भोगोगी..

आदर्श दिखाओ की* ये प्रभु जैसा बने..अपने स्वरुप को जाने..

संसार की नकल मत करो..भगवान ने बोला में जितने प्रभाव वाला हुँ..दो मुझे ज्यु का त्युँ जानता है..वो मेरे से मिलकर एक हो जाता है..दब तर तुमको गुरु का बंघन स्वीकार नही होगा..तब तक माया से बंघन नहीं काटेगे..

हम लोग गुरु के पास* रहते थे तो किसी नाते रिश्ते दार के पास जाने का मन ही नहीं करता था..

जैसे एक लड़की का रिश्ता पति से जुड़ जाता है..तो उसके लब नाते रिश्तेदार दुर हो जाते हैं..

ऐसे ही जब गुरु से प्रेम हो जाता है..तो दुनियां के नाते रिश्ते छुट जाते हैं.

जो सही रासते पर चलता है उसको शेर का डर नहीं रहता ..

जो जंगल का रास्ता लेता है उसको शेर का डर होता है..तुम परमात्मा के सही रास्ते पर चलो.तो माया रुपी शेर नहीं खा पाएगा..पर तुम माया के जंगल में जाओगे तो खाता रहेगा..

कृष्ण ने कंस से कहा* कि तुम मेरी शरण में आ जाओ..तो तुमको मृत्यु के भयानक भय ले बचा लुँगा..

पर कंस के समझ में नही आया..बोला देखा डर गया ना..जब अक्रुर से उसे बुलवाया ओर वो नही माना.. तब भगवान को उसे मारना पड़ा..अंहकारी व्यक्ति किसी की बात नहीं मानता.. भले ही मर जाए ..अपने अंहकार में चुर रहता है..

भगवान तुम्हें माया से बचाना चाहता है..पर तुम उसकी बात क्यों नहीं मानते..🌹🌹🌿🌿🌹🌿

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