नम्रता एक दूसरे को जोड़ने में सीमेंट का काम करती है

गुरु जी ने बताया कि

🍄अपने मन की कमजोरी को गुरु, भगवान के अलावा किसी को भी ना बताएं ।

🍄नम्रता एक दूसरे को जोड़ने में सीमेंट का काम करती है

🍄जैसे घोड़ा गाड़ी में घोड़े की आँखों के आस पास एक शेड लगा होता है, ताकि वो ना इधर देखें, ना उधर देखें , सीधा अपने मालिक की चाबुक अपनी पीठ पर खाकर चलता रहता है, ऐसे ही जीवन मे भी ना माया में ना व्यर्थ की बातों में ध्यान देना है, जैसा गुरु कहते जाते है वैसा करते रहेंगे तो अपनी मंजिल को पा लेंगे ।

🍄जिसने संसार मे कुछ भी बन ना छोड़ा, वो ही गुरु की राह में अपना जीवन बनाता है ।

🍄बिना इच्छा और अहंकार के किया हुआ कर्म निष्काम कहलाता है ।

🍄किसी से कुछ भी मत मांगो , माँगन मरण समान, मांगों ना भीख, यही सतगुरु की सीख ।

🍄ना मान, ना धन, ना कोई पदार्थ कुछ भी नही मांगना हमारी प्रारब्ध का भगवान खुद हमे देने आते है ।

🍄शुक्राने सतगुरु जी के हरि ॐ ।

Beautiful Lines

“दूसरों को समझना बुद्धिमानी है,
खुद को समझना असली ज्ञान है।
दूसरों को काबू करना बल है,
और खुद को काबू करना वास्तविक शक्ति है।”
जिसने संसार को बदलने की कोशिश की वो हार गया
और
जिसने खुद को बदल लिया वो जीत गया।”

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