परमात्मा की कारीगरी तो देखो

गुरु जी ने बताया कि

🌻परमात्मा की कारीगरी तो देखो हाथ मे कैंची नही फिर भी कितनी सुंदर पत्तो की डिज़ाइन है पेड़ो में,,,,,,,,,,,,,,,,।

🌻आकाश में कहीं सागर नही फिर भी कितना मेघ बरसता है,,,,,,,,,,,,,।

🌻इतने फल लगे हुए है पर कहीं बाहर से ऐसेंस नजर नही आता, खुश्बू दार और रसदार फल लगे हुए है,,,,,,,,,,,,।

🌻खुद के लिए यही प्रार्थना करनी है कि भगवान मेरा जीवन ऐसा बनाओ जो सबके भले के लिए हो,,,,,,,,,,,।

🌻कहीं बाहर नही बस स्वयंम में स्थित होना है,,,,,,,,,,,,।

🌻कोई कैसे भी मूड में हो हमारे अंदर इतना शुद्ध भाव होना चाहिए कि हम अपने भाव से उसके खराब मूड के चैनल को बदल कर आनंदित कर सके,,,,,,,,,,,,,,।

🌻सबसे बड़ा यज्ञ ज्ञान यज्ञ , सबसे बड़ा धन ज्ञान धन,,,,,,,,,,,।

🌻सच्चा सन्यास ये होता है कि हमारे भीतर बाहरी चीजो का आकर्षण ना हो,,,,,,,,,,,,,।

🌻शुक्राने सतगुरु जी के हरि ॐ,,,,,,,,,,,,,।

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