स्वयंम को प्रेम से भर लीजिए,, संयमित बना लीजिए Guru ji vaani

गुरु जी ने बताया कि

🌼महापुरुषों की जयंती मनाते है, इनके जीवन से प्रेरणा लेते है,,,,,,,,,,,,,,,।

🌼गांधीजी शरीर से बिल्कुल कमजोर थे लेकिन मन से बलवान थे,,,,,,,,,,,,,।

🌼कोई भी कार्य करना है तो सामने कमजोर व्यक्ति को रखें तो अपनी शक्ति का पता चलेगा,,,,,,,,,,,,,,।

🌼अपने कार्य की चेकिंग करें हम जो कार्य कर रहें है,, उसमे सबका भला है या नही,,,,,,,,,,,,,,,।

🌼हर व्यक्ति अपने मन का ग़ुलाम होता है,,,,,,,,,,,,,,,,।

🌼गांधीजी ने सबको प्रेम के भाव से जीता,,,,,,,,,,,,,,,।

🌼हमारे जोर से बोलने से , व्यवहार से किसी की आँख में आँसू आये वो भी हिंसा होती है,,,,,,,,,,,,,,।

🌼जहाँ अहंकार है वहां प्रेम की कमी होती है,,,,,,,,,,,,,,,।

🌼सारा समय हिंसा में जीते है,,,,,,गुरु हमे अहिंसा में जीना सिखाते है,,,,,,,,,,,,,।

🌼प्रेम करने के कंजूस , प्रसंसा करने के कंजूस , धन के कंजूस,,,,,,,,,,,,।

परमात्मा
परमात्मा पूर्ण है तभी हमें भी पूर्ण बनाते है

🌼स्वयंम को प्रेम से भर लीजिए,, संयमित बना लीजिए,,,,,,,,,,,,,।

🌼शुक्राने सतगुरु जी के हरि ॐ,,,,,,,,,,,,,,।

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