tower-red-light

टावरों पर लाल रंग की बत्ती क्यों लगी होती है?

वायुमार्ग के वाहनों को इतनी ऊंचाई से नीचे की वस्तु और यहां तक की शहर भी स्पष्ट नहीं दिखाई देते (यदि आप अपने शहर के ऊपर भी उड़ रहे है तो आपको यह तो समझ आएगा कि नीचे शहर है परन्तु आप अपने शहर को ऊंचाई से नहीं पहचान पाएंगे)।

tower-red-light

टावरों या अन्य कोई ऊंची इमारत, जिसकी ऊंचाई 45 मीटर से अधिक है, पर ऐसी ही लाल रंग की बत्ती लगाना अनिवार्य है। टावरों पर यह इसलिए लगाई जाती है ताकि वायुमार्ग से यातायात करने वाले वाहन चालकों को यह पता चल जाए कि नीचे कोई वस्तु है। और यह टॉवर या ऊंची इमारतें जिन पर लाल रंग की बत्ती लगी होती है कम ऊंचाई पर उड़ने वाले वाहनों को राह दिखाने का भी कार्य करते है।

range of tower

45 मीटर से ऊंची इमारतों या टावरों पर लगी इस प्रणाली को एयरक्राफ्ट वार्निंग लाइट्स कहते हैं

यह लाल रंग की होती है क्योंकि लाल रंग का फैलाव सबसे कम होता है जिससे यह अधिक दूरी से भी स्पष्ट दिखाई देता है।

टावरों पर किस तीव्रता की लाल बत्ती लगाई जानी है ये भी टावरों की ऊंचाई पर निर्भर करता है।

0 Shares
Share via
Copy link
Powered by Social Snap