तुमको गुरु ऐसा पावर फुल बना देगा

तु प्यार का सागर है तेरी इक बूंद के प्यासे हम..तुम्हारे अंदर सब कुछ है..

ये तुम्हारे हाथ में है कि तुम क्या निकालते हो..विष निकले या अमृत निकले डुब कर थहा अपनी पा ले..तु है शिव तु है शिव का दुलारा..

दादा के पास कोई रोता हुआ आता था..तो हँसता हुआ जाता था..कोई तुमसे उलटा चले तुम उससे भी सीघा चलो..

मरे जो तुमको मुक्का पाए तीन चुमा..कोई आकर किसी की बुराई करे तो उसकी हाँ में हाँ मत मिलाओ..

तुम हर बात को अच्छा करके देखो..क्या बुरा क्या अच्छा ..

तुम्हारा दृष्टिकोण सही होना चाहिए..तभी सुखी रहोगे..

दादा जी ने बोला हर हालत शुक्राना मानने के योग्य है

काले बादलों के बीच भी एक सिल्वर लाइन होती है..

भाग्य बड़े जब हरी सतगुरु बन जीवन में आ जाए..शुक्राने मानो जो ऐसा सतगुरु मिला है..जिसने धर बैठे जीवन बना दिया..

तुमको गुरु ऐसा पावर फुल बना देगा..कि तुम जहाँ भी रहोगे प्रेम की दुनियां बनाकर रखोगे..

हर वक्त मुस्कराते रहोगे तो गुस्सा नहीं कर पाओगे..मेरा मुस्कराता चेहरा रहेगा..

यही सब पर उपकार हो जाएगा..

हम अपने प्रेम का पंजा मारे की कठोर हृदय भी पानी हो जाए..

गुरु नानक ने पंजा लगाया तो पानी निकला..हम अपने प्रेम से किसी की कठोरता मिटा सके..सबको प्यार करो खाओ खेलो..

एक बार एक राजा ने सबको दावत दी..पर हाथों में खप्पचियां बंघ दी..तो कैसे खाए..तो युक्ति सुझी..हरेक ने अपने सामने वाले को खिलाया..सभी का पेट भर गया.🌿🌹🌿🌹🌿🌹

गुरु जी ने बताया कि

🌷ज्ञान जीवन मे तीन तरीक़े से लगता है

  • 1,🌷 सुनत ,,,सुन ना ,,वचन सबसे पहले गुरु से सुनते है
  • 2,🌷कहत ,,कहते है ,मतलब जो सुना दुसरो को भी सुनाया
  • 3.रहत,,, मतलब वचनों को अपने जीवन मे लगाना

तभी कहते है कि

सुनत ,कहत ,रहत गत पावे

🌷सुन ने से हमारा उद्धार हो सकता है, कहने से कुछ लोगों का, उद्धार हो सकता है,लेकिन हमारी रहनी से अनेकों का उद्धार हो सकता है ।

🌷गीता में कृष्णा भगवान ने कहा कि , बोलने वाला भी मैं, सुन ने वाला भी मैं,मतलब सबमे प्रभु ही विराजमान है,,फ़िर क्यों सोचते हो कि मैंने सुना, मैने सुनाया ।

🌷ज्ञानी मरी हुई बिल्ली की तरह होता है, बिल्ली मरी होती है लेकिन उसकी आंख चमकती रहती है,ऐसे ही ज्ञानी भी रहता भले संसार मे है, लेकिन उसका मन किसी भी बात में अटकता नही ।

🌷प्रभु ने अपने भीतर ही आत्म रस चखा दिया है, तो ,,,बाहर के पदाथो में क्यों अटकते हो,,, ?

🌷आत्मा को शुद्ध नही करना ,आत्मा तो शुद्ध ही है, शुद्ध तो हमारा जीव भाव करना है ।

🌷हमारा घर अगर नाली के पास होगा तो मच्छर जरूर होंगे ,ऐसे ही मन भी अगर माया में होगा तो मन को परेशान करने वाले मच्छर जरूर काटेंगे ।

🌷शुक्राने सतगुरु जी के हरि ॐ ।

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